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सरस्वती गायत्री

Saraswati Gayatri

सरस्वती

मंत्र की भाषा

मंत्र

ॐ वाग्देव्यै च विद्महे
विरिञ्चिपत्न्यै च धीमहि
तन्नो वाणी प्रचोदयात् ॥

लिप्यंतरण

Om vagdevyai cha vidmahe,
virinchipatnyai cha dhimahi,
tanno vani prachodayat.

अर्थ

अर्थ की भाषा

हम वाणी की देवी को जानते हैं।

हम ब्रह्मा (विरिंचि) की अर्धांगिनी का ध्यान करते हैं।

वाणी हमारी बुद्धि को प्रेरित और मार्गदर्शित करें।

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