हज़ार स्तंभ मंदिर (रुद्रेश्वर स्वामी), हनमकोंडा
अन्य नाम: Thousand Pillar Temple (Rudreshwara Swamy), Hanamkonda · ஆயிரம் தூண் கோயில் (ஹனம்கொண்டா) · వేయి స్తంభాల గుడి (రుద్రేశ్వర స్వామి ఆలయం), హనుమకొండ
तेलंगाना शिव
हनमकोंडा में तारे के आकार का काकतीय मंदिर, शिव, विष्णु और सूर्य के तीन मंदिरों और विशाल एकाश्म नंदी के साथ।
- देवता
- रुद्रेश्वर स्वामी (शिव), विष्णु, सूर्य
- परंपरा
- शिव
- स्थान
- हनमकोंडा (वारंगल), हनमकोंडा जिला
- राज्य
- तेलंगाना
- काल
- काकतीय राजा रुद्र देव ने बनवाया। स्रोत एक जगह पूर्णता वर्ष 1163 ई. और दूसरी जगह निर्माण 1175–1324 ई. बताता है।
स्थल पुराण
स्रोत इस मंदिर का कोई स्थल पुराण नहीं देता। यह मुख्यतः अपनी काकतीय वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
विशेषताएँ
- तीन मंदिरों के कारण त्रिकूटालय कहलाता है, शिव (रुद्रेश्वर), विष्णु और सूर्य के लिए।
- सबसे प्रारंभिक काकतीय मंदिरों में से एक। तारे के आकार का है और इसमें भरपूर नक्काशीदार स्तंभ, जालीदार पर्दे और चट्टान में तराशे हाथी हैं।
- एकाश्म डोलराइट नंदी मंदिर का हिस्सा है।
- वारंगल किले और काकतीय कला तोरण के साथ यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में है।
- भारत सरकार ने 2004 में इसका जीर्णोद्धार किया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण तब से इस पर कार्य कर रहा है।
कैसे पहुँचें
हवाई मार्ग सेहैदराबाद हवाई अड्डा (राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय), लगभग 150 किमी।
रेल सेहनमकोंडा या काज़ीपेट जंक्शन, मंदिर के पास। वारंगल स्टेशन भी पास है।
सड़क सेहनमकोंडा शहर में, हैदराबाद से लगभग 150 किमी। हैदराबाद और वारंगल से TGSRTC बसें बार-बार चलती हैं।
स्थान अनुमानित है।
जाने से पहले
- शालीन वस्त्र पहनें। जूते-चप्पल मंदिर के बाहर उतारें।
- समय, टिकट के नियम और ड्रेस कोड बदल सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिर की सूचना या आधिकारिक वेबसाइट देखें।
- दर्शन, कमरे और विशेष पूजा केवल आधिकारिक काउंटर या वेबसाइट से बुक करें। एजेंटों पर भरोसा न करें।
- एक दिन से अधिक हो तो वारंगल किले और रामप्पा मंदिर क्षेत्र के साथ देखें।
इस मंदिर से जुड़ी प्रार्थनाएँ
स्रोत
इस पृष्ठ की जानकारी ऊपर दिए स्रोतों से जाँची गई है। कोई गलती दिखे तो कृपया बताइए।