तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर
अन्य नाम: Brihadisvara Temple (Thanjavur Big Temple) · தஞ்சை பெரிய கோயில் (பிரகதீஸ்வரர்) · తంజావూరు బృహదీశ్వర ఆలయం
तमिलनाडु शिव
राजराज प्रथम द्वारा निर्मित और 1010 ई. में प्रतिष्ठित चोल कला की उत्कृष्ट कृति। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल।
- देवता
- बृहदीश्वर (पेरुवुदैयार), विशाल लिंग के रूप में शिव
- परंपरा
- शिव
- स्थान
- तंजावुर, तंजावुर जिला
- राज्य
- तमिलनाडु
- काल
- राजराज प्रथम (चोल) द्वारा निर्मित, 1010 ई. में प्रतिष्ठित।
स्थल पुराण
इस मंदिर की कथा पौराणिक से अधिक ऐतिहासिक है। चोल सम्राट राजराज प्रथम ने इसे शिव के भव्य निवास के रूप में बनवाया और 1010 ई. में इसकी प्रतिष्ठा हुई।
मुख्य देवता शिव एक विशाल लिंग के रूप में हैं, जिन्हें तमिल में पेरुवुदैयार, 'महान स्वामी', कहा जाता है।
विशेषताएँ
- 'ग्रेट लिविंग चोल टेम्पल्स' का हिस्सा, यूनेस्को विश्व धरोहर (1987 में अंकित, 2004 में विस्तारित)।
- गर्भगृह के सामने विशाल एकाश्म नंदी है, जिसका वजन लगभग 25 टन है।
- मुख्य शिखर (विमान) 60 मी. से ऊँचा है। स्रोत थोड़े भिन्न आँकड़े देते हैं।
- महाशिवरात्रि के आसपास दस दिवसीय नृत्य उत्सव बृहन् नाट्यांजलि होता है।
उत्सव
- महाशिवरात्रि और बृहन् नाट्यांजलि नृत्य उत्सव (फरवरी–मार्च)
कैसे पहुँचें
हवाई मार्ग सेतिरुचिरापल्ली हवाई अड्डा, लगभग 55–60 किमी।
रेल सेतंजावुर जंक्शन, लगभग 2–3 किमी।
सड़क सेतंजावुर शहर के बीच में; तिरुचिरापल्ली, कुंभकोणम और चेन्नई से अच्छी बस सेवा।
स्थान अनुमानित है।
जाने से पहले
- शालीन वस्त्र पहनें। जूते-चप्पल मंदिर के बाहर उतारें।
- समय, टिकट के नियम और ड्रेस कोड बदल सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिर की सूचना या आधिकारिक वेबसाइट देखें।
- दर्शन, कमरे और विशेष पूजा केवल आधिकारिक काउंटर या वेबसाइट से बुक करें। एजेंटों पर भरोसा न करें।
- सुबह जल्दी या शाम को जाएँ; नरम रोशनी रहती है और पत्थर के फर्श पर गर्मी कम होती है।
इस मंदिर से जुड़ी प्रार्थनाएँ
स्रोत
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