बैद्यनाथ मंदिर, देवघर
अन्य नाम: Baidyanath Temple, Deoghar · பைத்யநாத் கோயில் (தேவ்கர்) · బైద్యనాథ్ ఆలయం, దేవ్ఘర్
झारखंड शिव
झारखंड के देवघर में ज्योतिर्लिंग मंदिर, श्रावणी मेले के लिए प्रसिद्ध जब लाखों लोग गंगाजल लाते हैं।
- देवता
- बाबा बैद्यनाथ (शिव)
- परंपरा
- शिव
- स्थान
- देवघर, देवघर जिला
- राज्य
- झारखंड
- काल
- स्रोत में निर्माण की तिथि नहीं दी गई।
स्थल पुराण
रावण ने शिव से वरदान चाहा और कामना लिंग को लंका ले जाने की प्रार्थना की। शिव इस शर्त पर माने कि लिंग रास्ते में नीचे नहीं रखा जाएगा।
रावण ने उसे देवघर में रख दिया और फिर उठा न सका। उसने अँगूठे से दबाया, जिससे लिंग थोड़ा क्षतिग्रस्त हुआ। तब देवताओं ने पूजा की और मंदिर बनवाया।
विशेषताएँ
- बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक। परिसर में मुख्य मंदिर और 21 अन्य मंदिर हैं।
- हवन कुंड वर्ष में केवल एक बार खुलता है।
- कथा स्थल को बैजू भील नामक चरवाहे से जोड़ती है; स्रोत राजा बैजू भील को इसका निर्माता बताता है।
उत्सव
- श्रावण में श्रावणी मेला: लाखों भक्त सुल्तानगंज से लाया गंगाजल चढ़ाते हैं
- महा शिवरात्रि
- नवरात्रि हवन
कैसे पहुँचें
हवाई मार्ग सेदेवघर हवाई अड्डा पास है। पटना और कोलकाता बड़े हवाई अड्डे हैं।
रेल सेबैद्यनाथधाम स्टेशन, शहर में।
सड़क सेदेवघर शहर दुमका, भागलपुर, धनबाद और आसनसोल से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।
स्थान अनुमानित है।
जाने से पहले
- शालीन वस्त्र पहनें। जूते-चप्पल मंदिर के बाहर उतारें।
- समय, टिकट के नियम और ड्रेस कोड बदल सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिर की सूचना या आधिकारिक वेबसाइट देखें।
- दर्शन, कमरे और विशेष पूजा केवल आधिकारिक काउंटर या वेबसाइट से बुक करें। एजेंटों पर भरोसा न करें।
- श्रावणी मेले में अत्यधिक भीड़ होती है। ठहरने और दर्शन की व्यवस्था बहुत पहले बुक करें।
इस मंदिर से जुड़ी प्रार्थनाएँ
स्रोत
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