सिंगपेरुमाल कोयिल (पडलाद्रि नरसिंह)
अन्य नाम: Padalathri Narasimhar Temple, Singaperumal Koil · சிங்கப்பெருமாள் கோயில் (படலாத்ரி நரசிம்மர்) · సింగపెరుమాళ్ కోయిల్ (పడలాద్రి నరసింహుడు)
तमिलनाडु विष्णु
चेंगलपट्टू के पास चट्टान काटकर बना पल्लव नरसिंह मंदिर, जहाँ नरसिंह प्रतिमा की तीसरी आँख है।
- देवता
- पडलाद्रि नरसिंहर (विष्णु), अहोबिलवल्ली (लक्ष्मी)
- परंपरा
- विष्णु
- स्थान
- सिंगपेरुमाल कोइल, चेंगलपट्टू जिला
- राज्य
- तमिलनाडु
- तीर्थ / पवित्र कुंड
- मंदिर का कुंड (स्रोत में नाम नहीं दिया)
- काल
- 8वीं सदी में पल्लवों द्वारा निर्मित। दीवारों पर 10वीं–11वीं सदी के चोल शिलालेख हैं।
स्थल पुराण
ब्रह्मांड पुराण के अनुसार असुर हिरण्यकशिपु के वध के बाद विष्णु यहाँ तपस्या करते ऋषियों के सामने नरसिंह रूप में प्रकट हुए।
नरसिंह अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए खंभे से निकले। वध के बाद प्रह्लाद की प्रार्थना ने नरसिंह का क्रोध शांत किया।
पृष्ठ यह भी कहता है कि नरसिंह ने मंदिर के कुंड में स्नान कर क्रोध शांत किया और पानी लाल हो गया।
विशेषताएँ
- पल्लव शैली का चट्टान काटकर बना मंदिर, वैष्णव परंपरा के 108 अभिमान क्षेत्रों में गिना जाता है।
- मुख्य प्रतिमा की तीसरी आँख है, जो सामान्यतः शिव की विशेषता है।
उत्सव
- चित्तिरै ब्रह्मोत्सवम (अप्रैल–मई)
- नरसिंह जयंती
- पवित्र उत्सवम (आणि)
- मासी तैरता उत्सव
कैसे पहुँचें
हवाई मार्ग सेचेन्नई हवाई अड्डा, लगभग 40 किमी।
रेल सेचेन्नई–चेंगलपट्टू लाइन पर सिंगपेरुमाल कोइल स्टेशन। यहाँ कई उपनगरीय ट्रेनें रुकती हैं।
सड़क सेचेंगलपट्टू और मरैमलै नगर के पास GST रोड पर। चेन्नई और चेंगलपट्टू के बीच बसें बार-बार चलती हैं।
स्थान अनुमानित है।
जाने से पहले
- शालीन वस्त्र पहनें। जूते-चप्पल मंदिर के बाहर उतारें।
- समय, टिकट के नियम और ड्रेस कोड बदल सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिर की सूचना या आधिकारिक वेबसाइट देखें।
- दर्शन, कमरे और विशेष पूजा केवल आधिकारिक काउंटर या वेबसाइट से बुक करें। एजेंटों पर भरोसा न करें।
- चेन्नई बीच या एगमोर की ओर से उपनगरीय ट्रेन द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
इस मंदिर से जुड़ी प्रार्थनाएँ
स्रोत
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