पिल्लैयारपट्टी कर्पक विनायक मंदिर
अन्य नाम: Karpaka Vinayakar Temple, Pillayarpatti · பிள்ளையார்பட்டி கற்பக விநாயகர் கோயில் · పిళ్ళైయార్పట్టి కర్పక వినాయకర్ ఆలయం
तमिलनाडु गणेश
7वीं सदी का प्राचीन चट्टान काटकर बना गणेश मंदिर, जिसकी देखरेख नट्टुकोट्टै नगरथार करते हैं।
- देवता
- कर्पक विनायगर (गणेश)
- परंपरा
- गणेश
- स्थान
- पिल्लैयारपट्टी, शिवगंगा जिला
- राज्य
- तमिलनाडु
- तीर्थ / पवित्र कुंड
- उत्तर में बड़ा मंदिर कुंड और मंडपम के भीतर एक कुआँ (स्रोत में नाम नहीं दिया)।
- काल
- चट्टान गुफा 7वीं सदी (लगभग 650 ई.) की मानी जाती है और नरसिंहवर्मन से जुड़ी है।
स्थल पुराण
स्रोत मंदिर के लिए कोई मिथक नहीं देता। वह नगरथारों की यह परंपरा दर्ज करता है कि वे कलि वर्ष 3813 (714 ई.) से यहाँ पूजा करते आए हैं।
विशेषताएँ
- गणेश चट्टान में तराशे गए हैं। उनके दो हाथ हैं और दाहिने हाथ में मिठाई है। सूंड दाईं ओर मुड़ी है।
- स्थानीय लोग उन्हें वलम्पुरि विनायगर कहते हैं। 7वीं सदी का शिलालेख उन्हें 'देसि विनायगर' कहता है।
- गुफा में शिवलिंग और एक असामान्य खड़ी उकेरी हुई आकृति भी है, जिसे विद्वान अर्धनारीश्वर, हरिहर या परिचारकों सहित राजा के रूप में पढ़ते हैं।
- नट्टुकोट्टै नगरथार इसकी देखरेख करते हैं।
उत्सव
- विनायक चतुर्थी: 10 दिन, नौवें दिन रथ सहित
- वैकासी में ब्रह्मोत्सवम
कैसे पहुँचें
हवाई मार्ग सेमदुरै हवाई अड्डा, लगभग 80–90 किमी।
रेल सेकराईकुडी जंक्शन, लगभग 12–15 किमी।
सड़क सेचेट्टिनाड क्षेत्र में कराईकुडी–तिरुप्पत्तूर सड़क पर। कराईकुडी और मदुरै से बसें।
स्थान अनुमानित है।
जाने से पहले
- शालीन वस्त्र पहनें। जूते-चप्पल मंदिर के बाहर उतारें।
- समय, टिकट के नियम और ड्रेस कोड बदल सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिर की सूचना या आधिकारिक वेबसाइट देखें।
- दर्शन, कमरे और विशेष पूजा केवल आधिकारिक काउंटर या वेबसाइट से बुक करें। एजेंटों पर भरोसा न करें।
- विनायक चतुर्थी पर बहुत भीड़ होती है। पहले से योजना बनाएँ।
इस मंदिर से जुड़ी प्रार्थनाएँ
स्रोत
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