पितृ दोष के मंत्र
तब कहा जाता है जब पितरों के कर्म छूट गए हों या अधूरे हों।
किसकी उपासना करेंनारायण, शिव और पितर।
मंत्र
- 1
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
108 बारकोई भी दिन पूरा पाठ पढ़ें
- 2
गायत्री मन्त्र
108 बारसुबह पूरा पाठ पढ़ें
- 3
ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
21 बारपितर
कब जपें
अमावस्या, महालय अमावस्या, और दिवंगत व्यक्ति की तिथि। पंचांग पन्ने पर तारीख़ के बटन से अमावस्या के दिन खोजें।
दीपक
सुबह घी का दीपक।
यह भी करें
- किसी पुरोहित से तर्पण करवाइए।
- भूखों को भोजन कराइए और जीवित बड़ों की देखभाल कीजिए।
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